Bihar board class 12 hindi book solutions chapter 10

Bihar board class 12 hindi book solutions chapter 10


अधिनायक


                  ( 1 ) 
                  
 राष्ट्रगीत में भला कोन वह 
 भारत त - भाग्य - विधाता है 
 फटा सुबन्ना पहने जिसका 
 गुन हरचरना गाता है । 
 
मखमत्त टमटम बल्लम तुरही 
पगड़ी छत्र चंबर के साथ 
तोप मुड़ाकर ढोल बजाकर 
जय - जय कोन कराता है । 


 प्रसंग : -- प्रस्तुत पयांश नई कविता के सशक्त कवि रघुवीर सहाय द्वारा रचित कविता ' अधिनायक ' शीर्षक से उद्धृत हैं । इस कविता में कवि बता रहा है कि देश को आजादी मिले लंबा समय बीत गया है , परंतु आम आदमी की स्थिति ज्यों की त्यों है । इस आम आदमी का प्रतिनिधि हरचरना है । कवि हरचरना को किसी अधिनायक का गुणगान करते हुए देखता है , तो तो वह आश्चर्यचकित होकर सोचता है कि आखिर यह अधिनायक है कोन ! 
 

व्याख्या : -- राष्ट्रीय पर्व वाले दिन झंडा फहराते वक्त फटेहाल हरचरना राष्ट्रगान गा रहा है , जिसमें इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी अधिनायक का गुणगान किया जा रहा है । उसे देखकर कवि प्रश्न करता है कि अत्यंत गरीब तथा फटा हुआ सुबन्ना पहने हुए हरचरना , जो राष्ट्रगान गा रहा है , उसमें अधिनायक कौन है , किसे वह भारत की किस्मत बनाने वाला कह रहा है । 
                  कपि पुनः प्रश्नवाचक शैली में कहता है कि यह व्यक्ति कौन है जो मखमल के वस्त्र धारण किए हुए है टमटम पर सवार है तथा बल्लम - तुरही आदि राजसी प्रतीकों के साथ पगड़ी धारण किए हुए है । जिसके सिर पर छत्र है तथा जिसके आगे - पीछे लोग चैवर इला रहे हैं । वह व्यक्ति अपने स्वागतार्थ तोप की सलामी देकर तथा ढोल - नगाड़े बजवाकर अपनी जयकार करवा रहा है । ऐसी शानो - शौकत वाला यह व्यक्ति आखिर कौन है । 



              ( 2 )

पूरब - पश्चिम से आते हैं 
नंगे - बूचे नरकंकाल 
सिंहासन पर बैठा , उनके 
तमगे कौन लगाता है । 

कौन - कौन है वह जन - गण - मन 
अधिनायक वह महाबली 
डरा हुआ मन बेमन जिसका 
बाजा रोज बजाता है 


प्रसंग :-- प्रस्तुत पोश नई कविता के सशक्त कवि रघुवीर सहाय विरचित ' अधिनायक ' शीर्षक पिता से जाणार है । राष्ट्रीय पर्व पर हो रहे जलसे में गाए जा रहे राष्ट्रगान में किसी अज्ञात अधिनायक की प्रशंसा एवं गुणगान सुनकर कवि सोचता है कि आखिर यह अधिनायक कोन है , क्योंकि देश में तो लोकतांत्रिक व्यवस्था है । 


व्याख्या : -- कवि भारतीय लोकतांत्रिक मावस्या पर चोट करता हुआ करता है कि इस व्यवस्था ने पूरब , पश्चिम आदि चारों दिशाओं में हाहाकार मचा रखा है । लोगों के पास खाने के लिए अन्न तया पहनने के लिए पस्य नहीं ऐसे में कुछ लोग सत्ता पर कुंडली मारे अपना शोषण चक्र चला रहे हैं । लोगों की गाढ़ी कमाई का एक माला भाग ये कथित जनप्रतिनिधि हड़प रहे हैं । इन लोगों को मुख्य अतिथि के आसन पर बिठाकर मेडल लगाकर सम्मानित किया जाता है । आखिर यह सब कौन करता है । 
                      कवि आगे कहता है कि इस लोकतांत्रिक देश में यह महान् बलशाली अधिनायक कोन है जो गरीब । मध्यमवर्गीय लोगों के मन पर अपना आधिपत्य बनाए हुए है , उस अधिनायक के डर से गरीब तथा मध्यमवर्गीय आम आदमी न चाहते हुए भी उसका गुणगान करने को विवश है । ऐसा प्रतीत होता है किसत्तावर्ग के मन में करीन की यह इच्छा दबी हुई है कि भले ही देश में लोकतंत्र है किन्तु वह तानाशाह बनकर अपना गुणगान होते देखते हैं ।




  अभ्यास  ::----
 
प्रश्न 1. हरचरना कौन है ? उसकी क्या पहचान है । 

उत्तर - रघुवीर सहाय द्वारा रचिता कविता ' अधिनायक ' में हरचरना एक आम आदमी का प्रतिनिधित्व करता है । वह एक स्कूल जानेवाला गरीब बदहाल लड़का है । वह राष्ट्रीय पर्व के दिन शशा फहराए जाने के जलसे में राष्ट्रगान गा रहा है । हावाना को ' फटा सुबन्ना ' पहने एक गरीब छात्र के रूप में दर्शाया गया है । 


प्रश्न 2. सस्थरना ' हरिचरण ' का तदभव रूप है , कवि ने कविता में ' शरचरना ' को रखा है . हरिचरण को नहीं , क्यों।

उत्तर - कवि ने कविता में परिस्थिति के अनुकूल भाषा का प्रयोग करते हुए ' हरिचरण के स्थान पर हरचरना नाम मा है क्योंकि हरचरना ग्रामीण संस्कृति का परिचायक है तथा दबे - कुचले , गरीब - शोषित आम लोगों का प्रतिनिधित्व करता है । " हरिचरण ' नाम संभ्रांत नागरी संस्कृति का घोतक है तथा यह विशिष्ट आदमी का प्रतिनिधित्व करता है । 


प्रश्न 3. अधिनायक कौन है ? उसकी क्या पहचान है । 

उत्तर - कवि के अनुसार ' अविनायक ' वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ताधारी वर्ग हैं । याम राजसी तार - बार में पता है तथा उसका रोब - दाच एवं तामझाम भड़कीला है । यह वर्ग आम जनता से अपना गुणगान करवाता है । यह वर्ग आज जनप्रतिनिधि की जगह अधिनायक अर्थात तानाशाह बन गया है । 


प्रश्न 4. ' जय - जय कराना ' का क्या अर्थ है । 

उत्तर - यहाँ ' जय - जय कराना ' का जर्व है - अपना गुणगान कराना । सत्ताधारी वर्ग की प्रान्न लालसा है कि जनता यादी जयजयकार करे । यह वर्ग स्वंय को जनप्रतिनिधि के बजाए जनता का स्वामी समझने लगा है ।


 प्रश्न 5. ' डरा हुआ मन बैमन जिसका / बाजा रोज बजाता है ' - यही ' बेमन ' का क्या अर्व है । 
 
उत्तर - पये वमन ' का अर्थ है - अनिच्छापूर्वक । कवि करता है कि आजादी के इतने दिनों के बाद भी एक आम आदमी मी प्रकार का जीवन जीने को विवश है जैसा वह आजादी से पहले जी रहा था । वह अपनी मूलभूत आवश्यकताएँ भी पूरी नहीं कर पा रहा है । वह सत्तावर्ग के व्यक्ति को अपने समक्ष राजसी ठाठ - बाट में देखकर दुखी होता है लेकिन उसे अपनी इच्छा केहि सत्तावर्ग का गुणगान करना पड़ता है क्योंकि वह सोचता है कि ऐसा करने में ही उसकी भलाई है । 


प्रश्न 6. हरचरना अधिनायक के गुण क्यों गाता है । उसके डर के क्या कारण है । 

उत्तर - इस कविता में दर्शाया गया है कि हरचरना एक गरीब विद्यार्थी है । यह राष्ट्रीय गान गाता है , किन्तु उसे इसको पाने का प्रयोजन सात नहीं है । एक गरीब व्यक्ति राष्ट्रीय गान का महत्व क्या समझेगा । देशाक्ति , आजादी आदि का कमी समझ में नहीं आता । हरचरना के अनुसार तो अधिनायक ये व्यक्ति हैं जो गरीबों की कमाई पर आज तानाशाह शासक बन गये है । आम जनता उनसे डरती है तथा उनके खिलाफ मुंह नहीं खोलती । हरचरना के डर का भी यही कारण है । उसे डर है कि अगर यह उनके विरुद्ध मुंह खोलेगा तो उसे दंड भोगना होगा । 


प्रश्न 7. ' बाजा बजाना ' का क्या अर्थ है ? 

उत्तर- ' बाजा बजाना ' का अर्थ होता है किसी का गुणगान करना अर्थात किसी व्यक्ति की प्रशंसा में चाटुकारितापूर्ण था । करके उसे खुश करने का प्रयास करना । आज गरीब जनता सानाशाह सत्ताधारी वर्ग का मजपूरीधश बेमन से गुणगान कर रही हैं।



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