Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 12

Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 12 ...


                         ( 1 ) 


बे उत्सव मना रहे हैं । सारे शहर में रोशनी की जा रही है । उन्हें बताया गया है कि उनकी सेना और रथ विजय प्राप्त कर लोट रहे हैं । नागरिकों में से ज्यादातर को पता नहीं है कि किस युद्ध में उनकी सेना और शासक गए थे , युद्ध किस बात पर था । यह भी नहीं कि शत्रु कोन या पर वे विजयपर्व मनाने की तैयारी में व्यस्त हैं । उन्हें सिर्फ इनता पता है कि उनकी विजय हुई । उनकी से आशय क्या है यह भी स्पष्ट नहीं है किसकी विजय हुई सेना की , कि शासक की , कि नागरिकों की ? किसी के पास पूछने का अवकाश नहीं है । नागरिकों को नहीं पता कि कितने सैनिक गए थे और कितने विजयी वापस आ रहे हैं । खेत रहनेवालों की सूची अप्रकाशित है । सिर्फ एक बूढ़ा मशकवाला है जो सड़कों को सींचते हुए कह रहा है कि हम एक बार फिर हार गए हैं ओर गाजे - बाजे के साथ जीत नहीं हार लोट रही है । उस पर कोई ध्यान नहीं देता है और अच्छा यह है कि उस घर सड़कें सींचने भर की जिम्मेवारी है , सब को दर्ज करने या बोलने की नहीं । जिन पर है वे सेना के साथ ही जीतकर लौट रहे हैं । शब्दार्थ : अवकाश - फुर्सत , खाली समय । खेत रहना- युद्ध में मारा जाना । अप्रकाशित – जो प्रकाशित न हुआ हो । मशकवाला - पानी रखने का चमड़े का थैला दोनेवाला । 

Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions गद्य :----


प्रसंग ::-प्रस्तुत काव्यांश अशोक याजपेयी द्वारा रचित गद्य कविता ' हार - जीत ' से अवतरित है । प्रस्तुत कविता उनके काव्य संकलन ' कहीं नहीं वहीं ' में संकलित है । कवि युद्ध की स्थिति तथा शासकों के क्रियाकलाप से असंतुष्ट व क्षुब्ध है । शहर में विजयोत्सव मनाया जा रहा है , जबकि नागरिकों को यह तक नहीं पता है कि शासक तथा सेना किस युद्ध में युद्धरत थे और युद्ध का कारण क्या या तथा यह विजयपर्व किसलिए है ? 


व्याख्या ::- कवि कहता है कि शहरवासी उत्सव मनाने में व्यस्त हैं । अपनी खुशी प्रकट करने के लिए शहर में रोशनी का भरपूर प्रबंध किया गया है । सारा शहर प्रकाश से झिलमिला रहा है । नागरिकों को यह बताया गया है कि उनकी सेना और रथ र रथ युद्ध में विजयी होकर वापस आ रहे हैं । किन्तु शहर के अधिकतर नागरिक यह नहीं जानते हैं के युद्ध किनके बीच था , उनके शासक और सेना किनके साथ युद्धरत थे तथा उस युद्ध की वजह भी उन्हें ज्ञात नहीं है । वे तो यह भी नहीं जानते कि वे युद्ध में किस शत्रु के साथ अपनी वीरता दिखा रहे थे । उन्हें तो बस इतना ही मता था कि वे विजयी हुए हैं ।

 उन्हें यह भी पत्ता नहीं है कि उनकी विजय ' का क्या अर्थ है , वे यह नहीं समझ पा हे हैं कि आखिर जीता कौन है , शासक , सेना या फिर शहर के नागरिक । यह सब जानने की फुर्सत किसी को नहीं शहरवासियों को भी ज्ञात नहीं है कि युद्ध में उनके पक्ष के कितने सैनिक मारे गए हैं तथा कितने जीवित वापस ना रहे हैं । युद्ध में मरनेवाले वीरों के बारे में किसी को कुछ भी पता नहीं है । इन सबसे अलग अकेला एक यूद्धा शकवाला है जो सड़कों पर पानी डालकर उनकी धूल मिटाने की कोशिश कर रहा है तथा यह कह रहा है कि हम क बार फिर हार गए हैं । 

युद्ध से लौटकर आते लोगों के शोरगुल तथा गायन - वादन को देखकर ऐसा प्रतीत होता है क जीत साक्षात रूप में चली आ रही है , किन्तु वह जीत नहीं हार है । लेकिन उस बूढ़े मशकवाले की बातों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है । लोगों का कहना है कि वह बहुत अच्छा है कि उस बूढ़े की जिम्मेवारी केवल सड़क सींचने ने ही है । सच बोलने या सत्य को प्रचारित करने की जिम्मेदारी उसकी नहीं है । जिन पर सत्य बोलने की अथवा सत्य प्रचार की जिम्मेदारी है ये तो सेना के साथ युद्ध जीतकर वापस आ रहे हैं । कहने का भाव यह है कि इस तरह का न्य कहने वाले भी तो शासक वर्ग के पक्षधर हैं तथा वे भी वही कहेंगे जो शासक उनसे बोलने के लिए कहेंगे।


Board Class 12th Hindi Book Solutions पद्य :--

1. कड़बक

2. पद सूरदास

3. पद तुलसीदास

4.छप्पय 

5.कविप्त 

6. तुमुल कोलाहल कलह में 

7. पुत्र वियोग 

8.उषा

10.अधिनायक 

11.प्यारे नन्हें बेटे

12. हार जित

13. गांव का घर


Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 12 ...

अभ्यास ::- 


प्रश्न 1. उत्सव कोन और क्यों मना रहे हैं ।

उत्तर - शहर में रहने वाले सामान्य नागरिक उत्सव मना रहे हैं क्योंकि उन्हें बताया गया है कि उनकी सेना युद्ध में विजय प्राप्त करके लौट रही है ।


 प्रश्न 2. नागरिक क्यों व्यस्त हैं ? क्या उनकी व्यस्तता जायज है । .

  उत्तर - नागरिक इसलिए व्यस्त हैं क्योंकि उनको विजय के भाव प्रदर्शित करते हुए विजयी सेना एवं शासक का स्वागत करना है । तथा इस उत्सव के लिए उन्हें नाना प्रकार की तैयारियां करनी हैं । नागरिकों की यह व्यस्तता जायज नहीं कही जा सकती क्योंकि उन्हें वास्तविक स्थिति का ज्ञान ही नहीं है । चे नहीं जानते कि वास्तव में उनकी जीत नहीं बल्कि हार हुई है । 

  

प्रश्न 3. किसकी विजय हुई सेना की , कि नागरिकों की ? ' कवि ने यह प्रश्न क्यों खड़ा किया है ? यह विजय किनकी है ? आप क्या सोचते हैं । बताएँ । 

उत्तर - कवि देश की यथार्य वस्तुस्थिति से अवगत कराने के लिए यह प्रश्न खड़ा करता है । कवि कहता है कि लोगों को झूठ - मूठ के आश्वासनों एवं मुलावे में रखा गया है । उनको यथार्थ का ज्ञान नहीं कराया जाता उन्हें सत्य से दूर रखने का प्रयास किया जाता है । हो सकता है इस युद्ध में सैनिकों की जीत हुई हो , पर नागरिकों की तो हार ही हुई है क्योंकि उनकी स्थिति तो सी की वैसी बनी हुई है । जब तक आम नागरिक की समस्याओं पर विजय नहीं प्राप्त होती तब तक अन्य हर जीत चेमानी है । 


प्रश्न 4. ' धेत रहनेवालों की सूची अप्रकाशित है । ' इस पंक्ति के द्वारा कवि ने क्या कहना चाहा है ? कविता में इस पॉकेत की क्या सार्थकता है ? बताइए । 

उत्तर - कवि कहना चाहता है कि युद्ध में दोनों पक्षों में अनेक सैनिक मारे जाते हैं किन्तु विजय नशे में चूर सेना इन मृत सैनिकों की कोई परवाह नहीं करती । वह भूल जाती है उनके बिना यह विजय मिलनी संभव नहीं थी । विजयोत्सव मना रहे लोगों को इस बात का जरा भी ध्यान नहीं है कि मरे हुए लोगों तथा सैनिकों के आश्रितों पर क्या बीत रही है । ये अपना विजयोत्सव मनाने में व्यस्त हैं , उनकी तरफ उनका ध्यान नहीं है ।

वास्तव में शाशको की नजर में अपनी स्वार्थपूर्ति की तुलना में जनता के जीवन का कोई मोल नहीं है । ये अपना अधिनायकत्व बनाने रखने के लिए युद्ध लड़ते हैं तथा बनावटी राष्ट्रीयता का नारा देकर पूरे राष्ट्र को युद्ध की भीषण ज्वाला में शोक देते हैं । इस पंक्ति के माध्यम से कवि ने सत्ता वर्ग की सत्तालोलुप प्रवृत्ति का पर्दाफाश किया है ।


 प्रश्न 5. सड़कों को क्यों सींचा जा रहा है । 

 उत्तर - युद्ध में विजय प्राप्त करने के बाद राजा अपने छत्र बँवर के साथ गाजे बाजे के साथ आ रहे हैं । उनके दल के चलने से कहीं उड़े इसलिए सड़कों को सींचा जा रहा है ।

 

Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 12 ...


 प्रश्न 6. बूढ़ा मशकवाला क्या कहता है और क्यों कहता है ? 

 उत्तर - बूढ़ा मशकवाला कहता है कि हम एक बार फिर हार गए हैं तथा गाजे - बाजे के साथ विजय नहीं हार लौट रही है । ऐसी जीत पर प्रसन्न होने तथा जश्न मनाने का कोई औचित्य नहीं है । बूढ़ा मशकवाला यह सब इसलिए कहता है क्योंकि वह एक अनुभवी व्यक्ति है । उसे जीवन के यथार्थ का अनुभव है । वह जानता है कि समाज में घृणा , द्वेष , हत्या , लूटपाट , दंगे , आतंकवाद आदि शत्रुओं पर पाए बिना विजय का जश्न मनाना उचित नहीं है । उस बूढ़े की बातों में सच्चाई है पर उसे कोई सुनना मनना नहीं चाहता है । 

 

प्रश्न 7. बूढ़ा मशकवाला किस जिम्मेवारी से मुक्त है ? सोचिए अगर वह जिम्मेवारी उसे मिलती तो क्या होता ? वास्तव में शासकों पर विजय 

उत्तर - बूढ़ा मशकवाला सब कएने या सच को प्रसारित करने की जिम्मेवारी से मुक्त है । सभी को सच्ची बातें बताने की जिम्मेवारी उसके पास नहीं हैं । जिससे अगर उसे यह जिम्मेवारी मिल जाती तो वह लोगों के बीच सच्ची बातों को प्रसारित करता । जिससे वह शासक के लिए खतरा बन सकता था । वह व्यवस्था परिवर्तन का कारण बन सकता था , वह लोगों को असत्यता के छलपूर्ण वातावरण से बाहर निकालने का प्रयास करता । इसी कारण उसे सीमित कर दिया गया है । 


प्रश्न 8. " जिन पर है वे सेना के ही जीतकर लौट रहे हैं । जिन किनके लिए आया है ? वे सेना के साथ कहाँ से आ रहे हैं , वे सेना के साथ क्यों थे , वे क्या जीतकर लौटे हैं ? बताएँ । 

उत्तर - उपरोक्त पंक्ति में ' जिन ' शब्द शासकों के लिए प्रयुक्त हुआ है । वे लड़ाई के मैदान से लौट रहे हैं । लड़ाई में उनकी जीत नहीं बल्कि हार हुई है । इसीलिए वे सेना के साथ चल रहे हैं ताकि सेना लोगों को सच्चाई न बात सके कि वे हारकर लौटे है । इस पंक्ति में नेताओं के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि उनका जीवन चरित्र फितना भ्रम में डालने वाला है । उनकी कयनी - करनी में कितना अंतर है । उनका समय यूठी प्रशंसा और अविश्वसनीय कारनामों में कट रहा है । व्यवहार और विचार में काफी विरोधाभास है । 


Board Class 12th Hindi Book Solutions पद्य :--

1. कड़बक

2. पद सूरदास

3. पद तुलसीदास

4.छप्पय 

5.कविप्त 

6. तुमुल कोलाहल कलह में 

7. पुत्र वियोग 

8.उषा

10.अधिनायक 

11.प्यारे नन्हें बेटे

12. हार जित

13. गांव का घर


Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 12 ...


प्रश्न 9. गघ कविता क्या है । इसकी क्या विशेषताएँ हैं । इस कविता को देखते - परखते हुए बताएँ । 

उत्तर - दैनिक जीवन के अनुभवों के परातल से बोलचाल - बातचीत तथा सामान्य मनाचिन्तन के रूप में उत्पन्न विवरणवी और धोरस कविता गद्य कविता कहलाती है । यह कविता परंपरागत कविताओं की तरह छंदों के बंधन मनबंधकर गयागकर में लिखी जाती है ।

        वह कतिला एक विचारक कविता होती है जिसमें एक - एक शब्द के परत - दर - परत कई अब खुलते आता गद्य कविता में जीवनानुभव की बात भोगे हुए यथार्थ के समान समय दिखलाई पड़ती है । गय कविता की भाषा बोल आते हैं । सम्पन्न होने के कारण उसमें स्थानीयता का गहरा रंग भी इसकता है तथा या सामान्य पाठ को भी आसानी से समान 


प्रश्न 10. कविता में किस प्रश्न को उठाया गया है । आपकी समान में इसके भीतर से और कौन से प्रश्न उठते हैं । 

उत्तर - प्रस्तुत कविता ' हार - जीत ' में कति अशोक वाजपेयी ने हमारा ध्यान देश की ज्वलंत समस्याओं की और आए किया है । इस देश की जनता अबोध एवं चेतनायिहीन है तथा अंधविश्वासों एवं अफवाहों में लिए जा रही है । इस देश में नीति पिया में कपि अपनी कविता के माध्यम से जीवन की विसंगतियों की तरफ ध्यान आकृष्ट करता है । 

जनता की हालत दयनीय है । अमिक वर्ग काट में जी रहा है तथा बौद्धिक वर्ग को विचार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है । शासक वर्ग बेपरवाह मोजमाती में अपना समय बिता रहा है तथा जनता भूख से ताप रही है । सभी लोग झूठे - मूठे मुलाये में जी रहे हैं । प्रजा को सत्य से दर रखने का प्रयास किया जा रहा है । हम अपना इतिहास भूल चुके हैं तथा दिग्भ्रमित होकर भटकाव की स्थिति में जी रहे है । 







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