Skip to main content

Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions गद्य Chapter 1 | बातचीत

 

 Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions गद्य Chapter 1 | बातचीत

बातचीत शीर्षक निबंध आधुनिक काल के प्रसिद्ध निबंधकार बालकृष्ण भट्ट द्वारा लिखा गया है। जिसमें वाक-शक्ति को लेखक ने ईश्वर का वरदान बताया है। बालकृष्ण जी कहते हैं कि बाक-शक्ति अगर मनुष्य में ना होती तो ना जाने इस गूंगी सृष्टि का क्या हाल होता। वे कहते हैं कि बातचीत में वक्ता को स्पीच की तरह नाच-खराज जाहिर करने का मौका नहीं दिया जाता है।

Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions गद्य :----



Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions गद्य Chapter 1

अभ्यास :---

प्रश्न 1. अगर हममें वाकशक्ति न होती , तो क्या होता ? उत्तर - वाशक्ति मनुष्य को सृष्टि की सबसे महत्वपूर्ण देन है । इसी वाकशक्ति की मदद से वह समाज में अपनी भावना को अभिव्यक्त करता है । उसकी इसी अभिव्यक्त वाशक्ति को भाषा कहते हैं । व्यक्ति समाज में रहता है । 

इसी कारण अन्य व्यक्तियों के साथ उसके पारस्परिक सम्बन्ध तथा कुछ जरूरत होती हैं जिन्हें पूरा करने के लिए वह वार्तालाप करता है । वाक्शक्ति विचारों के आदान प्रदान का सबसे सरल माध्यम है जिससे हम दूसरों पर अपना प्रभाव छोड़ सकते हैं । अगर हममें वाक्शक्ति नहीं होती तो मनुष्य जानवरों की भांति ही होता । वह अपनी क्रियाओं को अभिव्यक्त करने में असमर्थ होते । हम अपनी इंद्रियों के कारण जिस सुख - दुख का अनुभव करते हैं , अवाक् रहने के कारण उसे व्यक्त नहीं कर पाते । 


प्रश्न 2. बातचीत के संबंध में बेन जॉनसन और एडीसन के क्या विचार हैं ? 

उत्तर - बातचीत के संदर्भ में बेन जॉनसन का विचार था कि मनुष्य के रूप का साक्षात्कार बोलने से ही होता है । वहीं एडीसन का मत है कि वस्तुतः बातचीत सिर्फ दो व्यक्तियों के मध्य ही हो सकती है । अर्थात् जहाँ दो आदमी होते हैं वहीं वे अपनी भावनाओं को एक दूसरे के सामने व्यक्त कर पाते हैं । 


प्रश्न 3. ' आर्ट ऑफ कनवरसेशन ' क्या है ? 

उत्तर - ' आर्ट ऑफ कनवरसेशन ' का अभिप्राय है बोलने की कला अथवा बात करने की कुशलता । वर्तमान में इसका बहुत अधिक प्रचलन हो गया है । इस कारण लोगों द्वारा सहज वार्तालाप न करके बातचीत में कृत्रिमता का प्रयोग अधिकाधिक किया जाता है । 


प्रश्न 4. मनुष्य की बातचीत का उत्तम तरीका क्या हो सकता है ? इसके द्वारा वह कैसे अपने लिए सर्वया नवीन संसार की रचना कर सकता है । 

उत्तर - मनुष्य की बातचीत का सर्वोत्तम तरीका उसका आत्मवार्तालाप है । मनुष्य को अपने अंदर ऐसी शक्ति करना चाहिए जिससे कि वह स्वयं से भी बात कर सके । उसे आत्मवार्तालाप अपनी भाषा की सरसता , सजीवता , उपयोगिता आदि विकास को निरंतर निखारते रहना चाहिए।

धैर्थ , लगन व पैनी नजर या कला में सफलता के प्रमुख गायन है : राया इनकी पूर्णता इस बात पर निर्भर करती है कि हम अपनी कनियों , गलतियों और कमजोरियों को पाचानने उनको सुधारने का कितना प्रयास करते हैं तथा अना लोगों की अनियों से भी शिक्षा ग्रहण करने की कितनी कोशि करते हैं । मनुष्य को चाहिए कि यह अपनी वाणी पर नियंत्रण रखो तथा मधुर वाणी मोले । इस प्रकार मनुष्य की न किसी से कटगी मी नही र । 

Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions गद्य Chapter 1

प्रश्न 5 , व्याख्या करें ( क ) हमारी भीतरी मनोवृत्ति प्रतिक्षण नए - नए रंग दिखाया करती है , वह प्रपंचालक संसार का एक बड़ा भारी आईना है , किसमें जैसी चाहो वैसी सूरत देख लेना कोई दुर्घट बात नहीं है । 

( ख ) सच है , जब तक मनुष्य बोलता नहीं तब तक उसका गुण - दोष प्रकट नहीं होता । 


उत्तर- ( क ) व्याख्या - भाषा मनुष्य की अभिव्यक्ति का साधन है । लेकिन मनुष्य की भीतरी मनोवृत्ति स्थिर नहीं है । प्रत्येक क्षण नए भए रंग बदलती है अर्थात् मनुष्य के मन में नए - नए विचार उत्पन्न होते रहते है । मनुष्य की मनोवृत्ति इन प्रपंचों मे भरे हुए संसार में एक बड़े आईन की तरह है जिसमे ऐसी घटनाएँ भी देखी जा सकती है जिनके गटिा होने की कोई उम्मीद नारी होती । भाव यह है कि हमारी आंतरिक मनोवृत्ति हमें संसार के समस्त अच्छे - बुरे कार्यों से अवगत कराती है । 

( ख ) व्याख्या - लेखक के मतानुसार , यह बात पूरी तरह से सत्य है कि जब तक मनुष्य बोलता नहीं है तब तक उसके गण - दोष दूसरों के समक्ष प्रकट नहीं हो पाते । अर्थात् मनुष्य की वाणी तथा दातचीत के दर से उसके स्वभाव तथा चरित्र का पता चलता है । चोलने से ही मनुष्य का साक्षात्कार होता है , उसकी पहचान सामने आती है । 


प्रश्न 6 , इस निबंध की क्या विशेषताएं हैं । 

उत्तर - प्रस्तुत निबंध की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार है 

1. आकार - आकार की दृष्टि से यह निबंध श्रेष्ठ है । इसमें अनावश्यक विस्तार नहीं है और विषय को मक्षिप्त रूप में पूर्णतया स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है । 

2. वाक्य विन्यास - निबंध में वाक्य विन्यास का विधान उच्चकोटि का है । वाक्य क्रमबद्ध तथा एक दूसरे से सुन्दर ढ़ग से 

3. भाषा - शैली - निवप की भाषा प्रवाहमयी एवं विषयानुकूल है । भाषा में सरलता , सहजता एवं प्रसंगानुकूलता जैसे गण विद्यमान है । माष्टों का कुशल प्रयोग भाषा के सौंदर्य को द्विगुणित कर रहा है । 

4. तारतम्यता - तारतम्यता का गुण किसी भी निबंध के लिए अत्यन्त आवश्यक माना जाता है । प्रस्तुत निबध में विचारों में तारतम्यता दर्शायमान है । 

5. अधिकांश पहलुओं पर चर्चा - प्रस्तुत निबंध में विषय से संबंधित अधिकांश पहलुओं पर चर्चा की गई है तथा उद्धरणों के प्रयोग द्वारा उनका स्पष्टीकरण भी किया गया है । 


भाषा की बात:--


 प्रश्न 1. राम - मोवल का क्या अर्थ है । इसका पाक्य में प्रयोग करें । 

 उत्तर - राम - रमौबल ( केवल औपचारिकतायश हालचाल पूछना ) वार्तालाप तो केवल दो या तीन व्यक्तियों के मध्य होत । इससे अधिक के बीच तो केवल राम - रमौवल से ही संभव है । 

 

प्रश्न 2. नीचे दिए गए पाक्यों से सर्वनाम छाँटें और बताएं कि वे सर्वनाम के किन भेदों के अन्तर्गत हैं 

उत्तर ( क ) कोई चुटीली बात आ गई हँस पड़े । 

 कोई - अनिश्चयवाचक सर्वनाम 

( ख ) इसे कौन न स्वीकार करेगा । 

इसे निश्चयवाचक सर्वनाम 

कोन - प्रश्नवाचक सर्वनाम 

( ग ) इसकी पूर्ण शोभा काव्यकला प्रवीण विद्वन मंडली में है । इसकी- पुरुषवाचक ( संबंध ) सर्वनाम 

( घ ) वह प्रपंचात्मक संसार का एक बड़ा भारी आईना है । 

वह अन्यपुरुषवाचक सर्वनाम 

( ङ ) हम दो आदमी प्रेमपूर्वक संलाप कर रहे हैं । 

हम-उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम 


प्रत 3.निम्नलिखित शब्द संक्षा के किन भेदों के अंतर्गत है उत्तर -

धुआ-- द्रव्यवाचक संज्ञा 

आदमी -- जातिवाचक संज्ञा 

शेक्सपीयर -- व्यक्तिवाचक संज्ञा 

देश --जातिवाचक संज्ञा 

मीटिंग-- समूहवाचक संज्ञा 

संसार -- जातिवाचक संज्ञा 

मुर्गा --जातिवाचक संज्ञा 

मदिर --जातिवाचक संज्ञा 


प्रश्न 5. निम्नलिखित वाक्यों से विशेषण चुर्ने 

उत्तर ( क ) हम दो आदमी प्रेमपूर्वक संलाप कर रहे हैं।-प्रेमपूर्वक 

( ख ) इसकी पूर्ण शोभा काव्यकला प्रवीण विद्वन - मंडली में है । - -पूर्ण शोभा , विद्वन - मंडली 

( ग ) सुस्त और बोदा हुआ तो दबी बिल्ली का सा स्कूल भर को अपना गुरु ही मानेगा । -सुस्त , बोदा , दवी 


  Board Class 12th Hindi Book Solutions पद्य :--

1. कड़बक

2. पद सूरदास

3. पद तुलसीदास

4.छप्पय 

5.कविप्त 

6. तुमुल कोलाहल कलह में 

7. पुत्र वियोग 

8.उषा

10.अधिनायक 

11.प्यारे नन्हें बेटे

12. हार जित

13. गांव का घर







Popular posts from this blog

तुलसीदास के पद // Tulsidas ke pad class 12

  तुलसीदास के पद // Tulsidas ke pad class 12 Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions गद्य :---- 1.  बातचीत 2.  उसने कहा था     3.  संपूर्ण क्रांति 4.  अर्धनारीश्वर 5.  रोज 6.  एक लेख एक पत्र 7.  ओ सदारिना तुलसीदास कवि:- परिचय जीवन  :  - हिन्दी की शीर्षस्य जातीय महावि गोस्वामी तुलसीदास का जन्म सन् 1549 में उसर प्रदेश के मौदा जिले में राजापुर नमक में हुआ । इनके बचपन का नाम रामबोला था । इनकी माता का नाम हुलसी तथा पिता का नाम आत्माराम दुबे या । मूल नक्षत्र में पैदा होने के कारण अशुभ मानकर इनके माता - पिता ने इन्हें बचपन में ही त्याग दिया था । इसके बाद थुनियो नामक औरत ने इनका पालन पोषण किया । सुकरशेत के रहने वाले बाथा नरहरि दास ने इन | शिक्षा दीक्षा प्रदान की । इन्होंने काशी के विद्वान शेष सनातन के पास के वर्षों तक वेदो , पाइदर्शन , इतिहास , पुराण स्मृतियों , काव्य आदि की शिक्षा प्राप्त की । दीनबंधु पाठक ने इनके व्यक्तित्व एवं यक्तता से प्रभावित होकर अपने पत्री रत्नावली से इनका विवाह कर दिया । रलावली ने अपने प्रति अत्यधिक आसक्ति के कारण इनकार जिससे इनके मन में वैराग्य उत्पन्न हुजा तथा इ

Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions गद्य Chapter 3 ..

  Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions गद्य Chapter 3 ... संपूर्ण क्रांति गद्य Chapter 3 .. . अभ्यास :- प्रश्न 1. आंदोलन के नेतृत्व के संबंध में जयप्रकाश नारायण के क्या विचार थे , आंदोलन का नेतृत्व वे किस शर्त पर स्वीकार करते हैं ?  उत्तर - आंदोलन के नेतृत्व के संबंध में जयप्रकाश नारायण कहते हैं कि मुझे नाम के लिए नेता नहीं बनना है । में सबकी सलाह लूंगा , सबकी बात सुनूंगा । सबसे बातचीत करूँगा , बहस करूंगा , समझूगा तथा अधिक से अधिक बात करूंगा। आपकीबात स्वीकार, लेकिन फैसला मेरा होगा । आपको इस फैसले को मानना होगा । इसी तरह के नेतृत्वही महत रापत हो सकती है । अगर ऐसा नहीं होता है , सो आपस की बहसों में पता नहीं किया गिर जाएंगे और इस प्रतिमा का नतीजा प्रभावित करती है ।  प्रल 2. जयप्रकाश नारायण के पास जीवन और अमेरिका प्रवास का परिचय है । इस अवधि की कैन - सी बाते आपको प्रभावित करती है?  उत्तर - जयप्रकाश नारायण अपने मात्र जीवन से ही आयल दर्जे के विद्यार्थी थे । 1971 में पटना कॉलेज में आई.मरा , सी . के विद्यार्थी थे । अपने मात्र जीवन में गांधी जी के विचारों से प्रभावित होकर उन्होंने असहयोग

Surdas ke pad summary / सूरदास के पद /सूरदास के पद summary

  Surdas ke pad summary / सूरदास के पद /सूरदास के पद summary Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions गद्य :---- 1.  बातचीत 2.  उसने कहा था     3.  संपूर्ण क्रांति 4.  अर्धनारीश्वर 5.  रोज 6.  एक लेख एक पत्र 7.  ओ सदारिना    सूरदास के पद                            ( 1 )                     जागिए , ब्रजराज कुवर , कंवल - कुशुम फूले ।  कुमुदद संकुचित भए , भृग सता भूले । तमपुर खग - रोर सुनहू , बोलत बनराई ।  रौभति यो खरिकनि में , बछरा हित पाई ।  विषु मतीन रवि प्रकास पावत नर नारी ।  सूर स्याम प्रात उटी , अंबुज - कर - पारी ।।  प्रसंग  : = प्रस्तुत पद्यांश मध्यकालीन सगुण भक्तिधारा की कृष्णभक्ति शाखा के प्रमुख कवि सूरदास द्वारा रदिन प्रसिद्ध ग्रंथ ' सूरसागर ' से अवतरित है । सूरदास जी वात्सल्य रस के अनन्य कवि हैं । इस पद में सूरदास जी सो । बालक कृष्ण को माँ यशोदा द्वारा दुलार के साथ कोमल मधुर स्वर में प्रातः होने की बात बताते हुए उन्हें जगाने का वर्णन कर रहे हैं ।  व्याख्या  : = मां यशोदा बालक कृष्ण को जगाने के लिए भोर होने के कई प्रमाण देती है । वह बड़े दुलार के साथ संकुचा गई हैं , क