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Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 13 | गाँव का घर

Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 13 | गाँव का घर Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions गद्य :---- 1.  बातचीत 2.  उसने कहा था     3.  संपूर्ण क्रांति 4.  अर्धनारीश्वर 5.  रोज 6.  एक लेख एक पत्र 7.  ओ सदारिना गाँव का घर     ( 1 ) गाँव के घर के अंतःपुर की बह चौखट  टिकुली साटने के लिए सहजन के पेड़ से छुड़ाई गई गोद का गेह  जिसके भीतर आने से पहले खास कर आना पड़ता था बुजुर्गों को  खड़ाऊँ खटकानी पड़ती थी खबरदार की  और प्रायः तो उसके उपर ही रुकना पड़ता था  एक अदृश्य पर्दे के पार से पुकारना पड़ता था  किसी को , बगैर नाम लिए  जिसकी तर्जनी की नोक पारण किए रहती वी सारे काम , सहज ,  शंख के विरू की तरह  गाँव के पर र की   उस चौखट के बगल में   गेरू - लिपी भीत पर दूध - डूबे अंगूठे के छापे उटीना दूध लाने वाले बूढ़े ग्वाल दादा के हमारे बचपन के भाल पर दुग्ध - तिलक  महीने के अंत गिने जाते एक - एक कर  प्रसंग : प्रस्तुत पद्यांश ज्ञानेंद्रपति द्वारा रचित ' गाँव का घर ' शीर्षक कविता उनके प्रसिद्ध काव्यसंग्रह ' संशयात्मा ' से लिया गया है

Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 12

Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 12 ...                          ( 1 )  बे उत्सव मना रहे हैं । सारे शहर में रोशनी की जा रही है । उन्हें बताया गया है कि उनकी सेना और रथ विजय प्राप्त कर लोट रहे हैं । नागरिकों में से ज्यादातर को पता नहीं है कि किस युद्ध में उनकी सेना और शासक गए थे , युद्ध किस बात पर था । यह भी नहीं कि शत्रु कोन या पर वे विजयपर्व मनाने की तैयारी में व्यस्त हैं । उन्हें सिर्फ इनता पता है कि उनकी विजय हुई । उनकी से आशय क्या है यह भी स्पष्ट नहीं है किसकी विजय हुई सेना की , कि शासक की , कि नागरिकों की ? किसी के पास पूछने का अवकाश नहीं है । नागरिकों को नहीं पता कि कितने सैनिक गए थे और कितने विजयी वापस आ रहे हैं । खेत रहनेवालों की सूची अप्रकाशित है । सिर्फ एक बूढ़ा मशकवाला है जो सड़कों को सींचते हुए कह रहा है कि हम एक बार फिर हार गए हैं ओर गाजे - बाजे के साथ जीत नहीं हार लोट रही है । उस पर कोई ध्यान नहीं देता है और अच्छा यह है कि उस घर सड़कें सींचने भर की जिम्मेवारी है , सब को दर्ज करने या बोलने की नहीं । जिन पर है वे सेना के साथ ही जीतकर लौट रहे हैं । श

Bihar board class 12 hindi book solutions chapter 10

Bihar board class 12 hindi book solutions chapter 10 Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions गद्य :---- 1.  बातचीत 2.  उसने कहा था     3.  संपूर्ण क्रांति 4.  अर्धनारीश्वर 5.  रोज 6.  एक लेख एक पत्र 7.  ओ सदारिना अधिनायक                   ( 1 )                      राष्ट्रगीत में भला कोन वह   भारत त - भाग्य - विधाता है   फटा सुबन्ना पहने जिसका   गुन हरचरना गाता है ।    मखमत्त टमटम बल्लम तुरही  पगड़ी छत्र चंबर के साथ  तोप मुड़ाकर ढोल बजाकर  जय - जय कोन कराता है ।   प्रसंग : -- प्रस्तुत पयांश नई कविता के सशक्त कवि रघुवीर सहाय द्वारा रचित कविता ' अधिनायक ' शीर्षक से उद्धृत हैं । इस कविता में कवि बता रहा है कि देश को आजादी मिले लंबा समय बीत गया है , परंतु आम आदमी की स्थिति ज्यों की त्यों है । इस आम आदमी का प्रतिनिधि हरचरना है । कवि हरचरना को किसी अधिनायक का गुणगान करते हुए देखता है , तो तो वह आश्चर्यचकित होकर सोचता है कि आखिर यह अधिनायक है कोन !    व्याख्या : -- राष्ट्रीय पर्व वाले दिन झंडा फहराते वक्त फटेहाल हरचरना राष्ट्रगान गा रहा है , जिसमें इस लोकतांत्रिक व्यवस्था मे

प्यारे नन्हें बेटे को – विनोद कुमार शुक्ल की कविता

प्यारे नन्हें बेटे को – विनोद कुमार शुक्ल की कविता प्रस्तुत कविता विनोद कुमार शुक्ल की 'वह आदमी नया गरम कोट पहनकर चला गया विचार की तरह'  संकलन से लिया गया है। जिसमें लोहे को कर्म का प्रतीक और कर्मठता एवं घर-गृहस्थी की शोभा के साथ सम्पूर्ण जीवन का आधार बताया गया है। साथ ही मेहनत कश और औरतों को भी लोहा ही कहा गया है। Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions गद्य :---- 1.  बातचीत 2.  उसने कहा था     3.  संपूर्ण क्रांति 4.  अर्धनारीश्वर 5.  रोज 6.  एक लेख एक पत्र 7.  ओ सदारिना प्यारे नन्हें बेटे को        ( 1 )    प्यारे नन्हें बेटे को  कंधे पर बैठा  ' मैं दादा से बड़ा हो गया '  सुनना यह ।  प्यारी बिटिया से पूछूंगा  ' बतलाओ आसपास  कहाँ - कहाँ लोहा है   ' चिमटा , करकुल , सिगड़ी   समसी , दरवाजे की साँकल , कब्जे   खीला दरवाजे में फंसा हुआ '   वह बोलेगी झटपट।     प्रसंग : प्रस्तुत काव्यांश यशस्वी कवि विनोद कुमार शुक्ल की रचना ' प्यारे नन्हें बेटे को ' से अवतरित है । यह कविता उन

Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 8

 Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 8 / usha padya khand शमशेर बहादुर सिंह   कवि - परिचय:-   जीवन - परिचय :-- सतत प्रयोगचमी श्रेष्ठ प्रगतिशील कवि शमशेर बहादुर सिंह का जन्म 9 जनवरी 1911 के देहरादून , उत्तराखंड में हुआ । इनकी माता का नाम प्रभुदेई तथा पिता का नाम तारीफ सिंह था । इनके पिता कलेक्ट्रिएट में रीडर के पद पर थे तथा साहित्य प्रेमी व्यक्ति थे । शमशेर जी ने सन् 1928 में हाई स्कूल , 1991 में इंटर , 1953 में इलाहाबाद से बीए .                                  तथा 1938 में एम.ए. ( पूर्वार्ध , अंग्रेजी ) पास की । इसके बाद उन्हें अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी । सन् 1929 में इनका विवाह धर्म देवी से हुआ , किन्तु 1999 में इनकी पत्नी की मृत्यु हो गई । शेष जिंदगी इन्होंने परिवार विहीन एवं अनिश्चित जीवन जीया ।     Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions गद्य :---- 1.  बातचीत 2.  उसने कहा था     3.  संपूर्ण क्रांति 4.  अर्धनारीश्वर 5.  रोज 6.  एक लेख एक पत्र 7.  ओ सदारिना                इन्होंने रूपाभ , कहानी , माया , नया साहित्य , नया

Bihar Board Class 12th Hindi Chapter 7

Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 7  जिस तरह से एक बच्चा खिलौने के लिए बेचैन रहता है उसी प्रकार माँ भी अपने संतान के प्रेम में बच्ची होती है और अपने संतान रूपी खिलौने को बस एक बार नजर भर के देखने को बेचैन रहती है। Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions गद्य :---- 1.  बातचीत 2.  उसने कहा था     3.  संपूर्ण क्रांति 4.  अर्धनारीश्वर 5.  रोज 6.  एक लेख एक पत्र 7.  ओ सदारिना पुत्र वियोग सुभद्रा कुमारी चौहान | Putra Viyog              ( 1 ) आज दिशाएँ भी हंसती हैं  है उल्लास विश्व पर छाया ,  मेरा खोया हुआ खिलौना  अब तक मेरे पासन आया ।  शीत न लग जाए , इस भय से  नहीं गोद से जिसे उतारा  छोड़ काम दौड़ कर आई  ' मा ' कहकर जिस समय पुकारा ।   प्रसंग : प्रस्तुत पद्यांश प्रसिद्ध कवयित्री ' सुभद्रा कुमारी चौहान द्वारा रचित उनके प्रतिनिधि काव्य संकलन मुकत में संकलित कविता ' पुत्र वियोग ' से अवतरित है । कवयित्री की यह रचना एक शोकगीत है । इस कविता में पुत्र के असामयिक निधन के बाद पीछे तापते रह गए माँ के हृदय के शोक की मार्मिक एवं हृदयस्पर्शी अभिव्

Tulsidas Ke Pad Class 12

तुलसीदास के पद // Tulsidas ke pad class 12 Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions गद्य :---- 1.  बातचीत 2.  उसने कहा था     3.  संपूर्ण क्रांति 4.  अर्धनारीश्वर 5.  रोज 6.  एक लेख एक पत्र 7.  ओ सदारिना तुलसीदास कवि:- परिचय जीवन  :  - हिन्दी की शीर्षस्य जातीय महावि गोस्वामी तुलसीदास का जन्म सन् 1549 में उसर प्रदेश के मौदा जिले में राजापुर नमक में हुआ । इनके बचपन का नाम रामबोला था । इनकी माता का नाम हुलसी तथा पिता का नाम आत्माराम दुबे या । मूल नक्षत्र में पैदा होने के कारण अशुभ मानकर इनके माता - पिता ने इन्हें बचपन में ही त्याग दिया था । इसके बाद थुनियो नामक औरत ने इनका पालन पोषण किया । सुकरशेत के रहने वाले बाथा नरहरि दास ने इन | शिक्षा दीक्षा प्रदान की । इन्होंने काशी के विद्वान शेष सनातन के पास के वर्षों तक वेदो , पाइदर्शन , इतिहास , पुराण स्मृतियों , काव्य आदि की शिक्षा प्राप्त की । दीनबंधु पाठक ने इनके व्यक्तित्व एवं यक्तता से प्रभावित होकर अपने पत्री रत्नावली से इनका विवाह कर दिया । रलावली ने अपने प्रति अत्यधिक आसक्ति के कारण इनकार जिससे इनके मन में वैराग्य उत्पन्न हुजा तथा

Surdas ke pad class 12

Surdas ke pad summary / सूरदास के पद /सूरदास के पद summary Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions गद्य :---- 1.  बातचीत 2.  उसने कहा था     3.  संपूर्ण क्रांति 4.  अर्धनारीश्वर 5.  रोज 6.  एक लेख एक पत्र 7.  ओ सदारिना    सूरदास के पद                           ( 1 )                     जागिए , ब्रजराज कुवर , कंवल - कुशुम फूले ।  कुमुदद संकुचित भए , भृग सता भूले । तमपुर खग - रोर सुनहू , बोलत बनराई ।  रौभति यो खरिकनि में , बछरा हित पाई ।  विषु मतीन रवि प्रकास पावत नर नारी ।  सूर स्याम प्रात उटी , अंबुज - कर - पारी ।।  प्रसंग : = प्रस्तुत पद्यांश मध्यकालीन सगुण भक्तिधारा की कृष्णभक्ति शाखा के प्रमुख कवि सूरदास द्वारा रदिन प्रसिद्ध ग्रंथ ' सूरसागर ' से अवतरित है । सूरदास जी वात्सल्य रस के अनन्य कवि हैं । इस पद में सूरदास जी सो । बालक कृष्ण को माँ यशोदा द्वारा दुलार के साथ कोमल मधुर स्वर में प्रातः होने की बात बताते हुए उन्हें जगाने का वर्णन कर रहे हैं ।  व्याख्या : = मां यशोदा बालक कृष्ण को जगाने के लिए भोर होने के कई प्रमाण देती है । वह बड़े दुलार के साथ संकुचा गई हैं